यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना | UP Krishak Durghatna Kalyan Yojana

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के किसानों के लिए यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत अगर किसी दुर्घटना में किसान की मृत्यु होती है अथवा वह स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है, तो सरकार द्वारा उसके परिवार को 5 लाख रूपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ राज्य के 2 करोड़ से अधिक किसानों को मिलेगा।

इस लेख में आगे हम यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना क्या है? इस योजना की विशेषताएं व लाभ क्या हैं? इस योजना के उद्देश्य क्या हैं? इस योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक पात्रता तथा आवश्यक दस्तावेज क्या हैं? तथा UP Krishak Durghatna Kalyan Yojana के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है? इन सबके बारे में विस्तार से जानेंगे।

यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना

यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की शुरुआत उत्तरप्रदेश सरकार ने 21 जनवरी 2020 को की थी। इस योजना के तहत राज्य का कोई भी किसान अगर किसी दुर्घटना का शिकार होता है, जिसमें उसकी मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से अपाहिज हो जाता है तो उसे या उसके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। किसान की मृत्यु होने पर 5 लाख की सहायता राशि मिलती है जबकि स्थायी रूप से विकलांग होने पर अधिकतम 3 लाख तक की सहायता राशि मिलती है।

यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के उद्देश्य

देश के ज्यादातर किसान गांवों से आते हैं, जिनकी आय का एकमात्र स्रोत कृषि होता है। ऐसे में अगर किसी किसान की मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है, तो उसके परिवार पर बहुत बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। राज्य सरकार ने इन्ही किसानों की समस्या को ध्यान में रखते हुए UP Krishak Durghatna Kalyan Yojana की शुरुआत की है। ये योजना दुर्घटना में प्रभावित किसान के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।

यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की विशेषताएं व लाभ

  • 21 जनवरी 2020 को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई एक कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई।
  • इस योजना के तहत दुर्घटना में प्रभावित किसान या उसके आश्रित परिवार को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • यह योजना दुर्घटना में प्रभावित किसान को अपनी स्थिति सुधारने में सहायक साबित होगा।
  • इस योजना का लाभ उत्तरप्रदेश के 2 करोड़ से अधिक किसान उठा सकते हैं।
  • यह योजना उन भूमिहीन किसानों के लिए भी है जिनके पास अपनी जमीन नहीं है और वे दूसरों की जमीन पर खेती करते हैं।

यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि

  • दुर्घटना में मृत्यु होने पर – 100% वित्तीय सहायता(5 लाख)
  • पूर्ण शारीरिक अक्षमता पर – 100% वित्तीय सहायता
  • दोनों हाथ या दोनों पैर या दोनों आंख खत्म हो जाने पर – 100% वित्तीय सहायता
  • एक हाथ और एक पैर खत्म होने पर – 100 वित्तीय सहायता
  • एक हाथ या एक पैर या एक आंख खत्म होने पर – 50% वित्तीय सहायता
  • स्थायी रूप से विकलांगता 50% से अधिक तथा 100% से कम होने पर – 50% वित्तीय सहायता
  • स्थायी रूप से विकलांगता 25% से अधिक किन्तु 50% से कम होने पर – 25% वित्तीय सहायता

यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता

  • इस योजना का लाभ केवल ऐसे किसानों को मिलेगा जो उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी हैं।
  • आवेदक किसान की आयु 18 से 70 वर्ष तक की हो होनी चाहिए। इससे अधिक या कम आयु के किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए अपात्र माने जाएंगे।
  • दुर्घटना होने के 45 दिनों के अंदर संबंधित अधिकारी के पास आवेदन करना होगा।
  • ऐसे किसान जिनकी आजीविका का मुख्य साधन कृषि है उन्हीं को इस योजना का लाभ मिलेगा।
  • ऐसे किसान जिनके पास अपनी भूमि नहीं हो तथा जो पट्टे या बटाई पर खेती करते हों वह भी इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं।
  • किसान की मृत्यु होने पर उसके आश्रित परिवार को सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
  • अगर किसान पहले से किसी अन्य दुर्घटना बीमा योजना का लाभार्थी है उसे मिलने वाली राशि में कटौती की जाएगी।

यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे :-
  • आवासीय प्रमाण-पत्र
  • खेती की जमीन का प्रमाण-पत्र(खात-खतौनी या भूलेख)
  • राशन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • आयु प्रमाण-पत्र
  • अगर किसान की मृत्यु हो गई है तो मृत्यु प्रमाण-पत्र
  • अगर किसान दिव्यांग हो गया है तो दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र
  • मोबाईल नंबर
  • बैंक पासबुक

इन दुर्घटनाओं में मिलेगा यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ

  • आग लगने पर
  • बाढ़-पाने में बह जाने पर
  • आकाशीय बिजली गिरने पर
  • करंट लगने पर
  • आतंकवादी हमले में
  • मारपीट, डकैती या हत्या होने पर
  • घर गिरने पर
  • यात्रा के दौरान दुर्घटना होने पर
  • किसी अन्य प्राकृतिक आपदा होने पर

यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया

इस योजना का लाभ लेने के पात्र किसान या उसके परिवार को जिल कलेक्टर के पास एक आवेदन लिखकर आवश्यक दस्तावेजों की फोटोकॉपी के साथ जमा करना होगा। आवेदन पत्र में घटना का पूरा विवरण होना चाहिए। वहां से ये आवेदन एसडीएम वित्त एवं राजस्व कार्यालय के पास जाएगी। इसके बाद आवेदन व दस्तावेजों की पूरी तरह जांच की जाएगी। जांच में सबकुछ सही पाए जाने पर किसान के आश्रित के बैंक अकाउंट में योजना के तहत मिलने वाली राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।

यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

वर्तमान में इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन का कोई प्रावधान सरकार द्वारा नहीं लाया गया है। अभी केवल ऑफलाइन आवेदन के द्वारा ही योजना का लाभ लिया जा सकता है। जैसे ही सरकार ऑनलाइन आवेदन की घोषणा करती है हम आपको सूचित करेंगे।

Leave a Comment