भाग्यलक्ष्मी योजना उत्तर प्रदेश सरकार | Bhagya Laxmi Yojana Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश सरकार ने गरीब परिवार के बेटियों की पढ़ाई व शादी में आर्थिक मदद देने के लिए भाग्यलक्ष्मी योजना की शुरुआत की है। भाग्यलक्ष्मी योजना उत्तर प्रदेश के तहत बेटी के जन्म होने पर राज्य सरकार द्वारा बच्ची के माता-पिता को 50,000 रूपये का बॉन्ड और बेटी की माँ को 5100 रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। बेटी के 21 वर्ष की उम्र होने के बाद 50,000 रूपये के बॉन्ड के आधार पर 2 लाख रूपये दिए जाएंगे। इसके अलावा बीच-बीच में पढ़ाई के लिए अतिरिक्त सहायता भी प्रदान किए जाएंगे। भाग्यलक्ष्मी योजना का संचालन महिला कल्याण विभाग,उत्तर प्रदेश द्वारा की जाती है।

भाग्यलक्ष्मी योजना उत्तर प्रदेश के उद्देश्य

  1. बेटियों को पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना – हमारे समाज में आज भी बेटियों को बेटों की तुलना में पढ़ाई के कम अवसर दिए जाते हैं। विगत कुछ वर्षों में इसमें काफी परिवर्तन आए हैं, लेकिन गरीब परिवारों में आज भी बहुत ज्यादा परिवर्तन नहीं आया है। इसकी एक वजह कमजोर आर्थिक स्थिति भी है। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए भाग्यलक्ष्मी योजना शुरुआत की। इस योजनांतर्गत बेटियों को कक्षा-6 में प्रवेश करने पर 3000 रूपये, कक्षा-8 में प्रवेश करने पर 5000 रूपये, कक्षा-10 में प्रवेश करने पर 7000 रूपये और कक्षा-12 में प्रवेश लेने पर 8000 रूपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी
  2. लड़का-लड़की के अनुपात को सही करना – 2011 की जनसंख्या के अनुसार भारत में लड़के-लड़कियों के बीच लिंगानुपात 940 था। अर्थात प्रति 1000 लड़कों की तुलना में 940 लड़कियाँ। उत्तर प्रदेश में लिंगानुपात की स्थिति और भी दयनीय है। यहाँ प्रति 1000 लड़कों पर केवल 912 लड़कियाँ है। भाग्यलक्ष्मी योजना के तहत सरकार बेटियों को आर्थिक सहायता देकर बेटियों के प्रति लोगों की मानसिकता बदलना चाहती है, जिससे लिंगानुपात सुधारा जा सके।
  3. भ्रुण हत्या पर रोक – तमाम कोशिशों व कानूनों के बावजूद देश में बच्चियों की भ्रुण हत्या जारी है। आज भी पिछड़े समुदायों में बेटियों को बोझ समझा जाता है। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार ने भाग्यलक्ष्मी योजना के तहत गरीब परिवार की बेटियों को 2 लाख रूपये से अधिक की आर्थिक सहायता देकर इस मानसिकता को बदलने का प्रयास किया है, जिससे भ्रुण हत्या को रोका जा सके |

Bhagya Laxmi Yojana Uttar Pradesh Benefits

  • भाग्यलक्ष्मी योजना उत्तर प्रदेश के तहत बच्ची की माँ को तुरंत 5100 रूपये की सहायता दी जाती है, जिससे माँ-बेटी का पालन पोषण अच्छे से किया जा सके।
  • भाग्यलक्ष्मी योजना के तहत बेटी के जन्म पर उसके माँ-बाप को 50,000 रूपये का बॉन्ड दिया जाता है। बेटी के 21 वर्ष की उम्र होने के बाद 50,000 रूपये के बॉन्ड के आधार पर 2 लाख रूपये दिए जाते हैं, जिसे वह बेटी शादी या पढ़ाई पर खर्च कर सकता है।
  • इस योजना के अंतर्गत बेटी के छठी, आठवीं, दसवीं और बारहवीं कक्षा में प्रवेश करने पर क्रमशः 3000, 5000, 7000 और 8000 रूपये छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
  • भाग्यलक्ष्मी योजना के तहत दी जाने वाली एकमुश्त राशि लाभार्थी के अकाउंट में जमा किए जाते हैं,जिस पर बैंक विशेष ब्याज दर देता है। बेटी के 18 वर्ष की उम्र होने के पश्चात वह बैंक से ब्याज निकाल सकती है।
  • अगर बच्ची को कभी कोई बीमारी होती है, तो वह 25000 रूपये तक की राशि इलाज के लिए ले सकती है।

भाग्यलक्ष्मी योजना उत्तर प्रदेश के लिए आवेदन करने की आवश्यक योग्यताएं व शर्तें

  • लाभार्थी को उत्तरप्रदेश का कानूनी रूप से स्थायी निवासी होना चाहिए, तभी वह भाग्यलक्ष्मी योजना के लिए योग्य माने जाएंगे।
  • 31 मार्च 2006 के बाद जन्म लेने वाली बेटियाँ इस योजना के पात्र हैं।
  • लाभार्थी की वर्षिक आया 2 लाख से कम होनी चाहिए।
  • बच्ची और उसकी माँ को निकटतम आँगनवाड़ी केंद्र में रजिस्टर्ड होना चाहिए।
  • लाभार्थी के पास राशन कार्ड होना चाहिए।
  • भाग्यलक्ष्मी योजना का लाभ उन लोगों को नहीं मिलेगा जो अपनी बच्ची से बाल मजदूरी करवाते हैं।
  • भाग्यलक्ष्मी योजना उत्तर प्रदेश का लाभ लेने के लिए बेटी की शादी 18 वर्ष की उम्र के बाद ही होनी चाहिए। इससे पहले शादी होने पर इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
  • लाभार्थी परिवार को गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) की श्रेणी में होना चाहिए।
  • भाग्यलक्ष्मी योजना का लाभ एक परिवार के केवल दो बेटियों को ही मिलेगा।

भाग्यलक्ष्मी योजना उत्तर प्रदेश में आवेदन करने लिए आवश्यक दस्तावेज(डाक्यूमेंट्स)

  • बच्ची के माता-पिता का आधार कार्ड
  • बच्ची का जन्म प्रमाणपत्र (जन्म प्रमाणपत्र बच्ची के जन्म के 1 वर्ष के भीतर का बना होना चाहिए)
  • अगर बच्ची का जन्म अस्पताल में हुआ है तो उस अस्पताल द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र
  • आय प्रमाण
  • आवासीय प्रमाणपत्र
  • जाति प्रमाणपत्र
  • राशन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक पासबुक
  • मोबाईल नंबर

भाग्यलक्ष्मी योजना उत्तर प्रदेश के लिए ऑफलाइन आवेदन करने का तरीका

भाग्यलक्ष्मी योजना उत्तर प्रदेश
  • बच्ची के जन्म के बाद सबसे पहले निकटतम आँगनवाड़ी केंद्र जाएं। वहाँ आपको भाग्यलक्ष्मी योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।
  • आँगनवाड़ी केंद्र से भाग्यलक्ष्मी योजना का आवेदन फॉर्म लेकर उसमें पूछी गई सभी जानकारियाँ सही-सही भरें।
  • आवेदन फॉर्म महिला विकास विभाग के कार्यक्रम से भी प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए आवेदक को अपना बीपीएल कार्ड और बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र दिखाना होगा।
  • भाग्यलक्ष्मी योजना के लिए आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है।
  • आवेदन जमा करने के 15 दिनों के भीतर बाल विकास अधिकारी सभी जानकारियाँ इकट्ठी करके महिला एवं बाल विकास विभाग को डाक्यूमेंट्स जमा कर देंगे।
  • आवेदन फॉर्म वहीं आंगनवाड़ी केंद्र में जमा कर सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें तो महिला कल्याण विभाग के कार्यालय में जाकर भी आवेदन जमा कर सकते हैं।

Bhagya Laxmi Yojana Uttar Pradesh के लिए ऑनलाइन आवेदन करने का तरीका

  • आप चाहें तो भाग्यलक्ष्मी योजना के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित स्टेप्स को ध्यान से फॉलो करें
  • सबसे पहले महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट http://mahilakalyan.up.nic.in पर विजिट करें।
  • यहाँ आपको भाग्यलक्ष्मी योजना उत्तर प्रदेश का Application Form डाउनलोड करना होगा। डाउनलोड करने के बाद इसे प्रिंट करके निकाल लें।
  • आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियाँ सही-सही भरें।
  • आवेदन फॉर्म भरने के बाद आपको उसके साथ सभी जरूरी दस्तावेज अटैच करना होगा।
  • इसके बाद आपको इसे निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र या महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में जाकर जमा करना होगा।

Bhagya Laxmi Yojana Uttar Pradesh FAQ :

UP Bhagyalaxmi Yojana ke liye jaruri dastavej?

यूपी भाग्यलक्ष्मी योजना के तहत राज्य सरकार उत्तरप्रदेश में बेटी के जन्म पर उसके पालन-पोषण, शिक्षा और विवाह के लिये 51000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। योजना का लाभ लेने योग्य आवेदक निम्न दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन या ऑफ़लाइन आवेदन कर सकते हैं :-
1.बच्ची के माता-पिता का आधार कार्ड
2.बच्ची का जन्म प्रमाणपत्र (जन्म प्रमाणपत्र बच्ची के जन्म के 1 वर्ष के भीतर का बना होना चाहिए)
3.अगर बच्ची का जन्म अस्पताल में हुआ है तो उस अस्पताल द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र
4.आय प्रमाण
5.आवासीय प्रमाणपत्र
6.जाति प्रमाणपत्र
7.राशन कार्ड
8.पासपोर्ट साइज फोटो
9.बैंक पासबुक
10.मोबाईल नंबर

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